चलिए जानते हैं कि मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाना क्यों आवश्यक है।

मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू और खिचड़ी दोनों खाना चाहिए।

खिचड़ी का संबंध ग्रहों से होता है

यही कारण है कि इस दिन खिचड़ी खाने की परंपरा है।

माना जाता है कि दाल, चावल, घी, हल्दी, मसाले और हरी सब्जियों से मिश्रण से बनने वाले खिचड़ी का संबंध नवग्रहों से है

इसलिए खिचड़ी के सेवन से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

कहते हैं खिचड़ी के चावल का संंबंध चंद्रमा से, नमक का शुक्र से,  हल्दी का गुरु से, हरी सब्जियों का बुध से और खिचड़ी के ताप का संबंध मंगल ग्रह से होता है

मकर संकांति पर बनने वाली खिचड़ी में काली ऊड़द की दाल और तिल का प्रयोग किया जाता है, 

जिसके दान और सेवन से सूर्य देव और शनि महाराज की कृपा प्राप्त होती है। 

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